बॉर्डर 2: शौर्य और बलिदान की कहानी, लेकिन क्या यह पहली ‘बॉर्डर’ जैसा असर छोड़ पाती है?
घना कोहरा, कड़ाके की ठंड और ठहरी हुई रफ्तार—
उत्तर भारत एक अदृश्य संकट से जूझ रहा है, जहाँ हर सुबह खतरे की चादर ओढ़े सामने आती है और ज़िंदगी थम-सी जाती है।
घना कोहरा, कड़ाके की ठंड और ठहरी हुई रफ्तार—
उत्तर भारत एक अदृश्य संकट से जूझ रहा है, जहाँ हर सुबह खतरे की चादर ओढ़े सामने आती है और ज़िंदगी थम-सी जाती है।
देश की सरहद पर एक बार फिर शौर्य, बलिदान और जज़्बे की परीक्षा होगी।
बॉर्डर 2 भारतीय सैनिकों की बहादुरी, भावनाओं और देशभक्ति की उस कहानी को नई पीढ़ी के सामने लाती है, जहाँ हर फ़ैसला इतिहास बनता है और हर क़दम राष्ट्र के लिए उठता है।
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